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पालिका की साधारण सभा की बैठक को लेकर यह कैसी सियासत...!

जैतारण(आईबीखांन)
जैतारण नगरपालिका बोर्ड की साधारण सभा की बैठक आयोजित करवाने की मांग को लेकर पिछले दिनों सतापक्ष एवं विपक्षी कुल 18 सदस्यों ने एकमत होकर पालिका अध्यक्षा एवं अधिशाषी अधिकारी को दिये मांग पत्र पर बैठक आयोजित करवाने की तमाम औपचारिकता पूरी कर अब जब अधिशाषी अधिकारी ने नगरपालिका अधिनियम की अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए 13 नवम्बर को बोर्ड की बैठक का एजेंडा तैयार कर बैठक आहूत करते ही पालिकाध्यक्षा की इससे होने वाली किककिरी को देखते हुए कल कांग्रेस के नेताजी ने अपने समर्थित सदस्यों को बुलाकर 13 नवम्बर को होने वाली बैठक को टालने के लिए नई रणनीति तैयार कर कल 9 सदस्यों के हस्ताक्षर युक्त पत्र अधिशाषी अधिकारी एवं अध्यक्षा को देकर पालिकाध्यक्ष की अध्यक्षता मे ही बैठक आयोजित करवाने का मांग पत्र सौपा है।उल्लेखनीय है कि इन नौ सदस्यों मे से कुछ सदस्य वे भी है जिन्होंने पिछले दिनों पालिका की साधारण सभा की समय पर बैठक आयोजित न होने की शिकायत को लेकर उस 18 सदस्यों वाले पत्र पर अपने हस्ताक्षर किये थे,लेकिन अब जब पालिका अधिनियम के तहत साधारण सभा की बैठक के लिए अधिशाषी अधिकारी ने नियमनुसार एजेंडा तैयार कर बैठक आहूति का फरमान जारी कर दिया तो उनमें से कई सदस्यों ने मुख्याजी की सदारत मे ही बैठक आयोजित करने वाले पत्र पर फिर हस्ताक्षर कर दोहरापन दिखाया है।कुल 20 सदस्यों वाले पालिका बोर्ड की बैठक के किसी प्रस्ताव अथवा बैठक का कोरम पूरा करने के लिए बैठक मे 14 सदस्यों की उपस्थिति होना जरूरी है,मगर 13 नवम्बर की बैठक के विरोध स्वरूप कल नौ सदस्यों ने जिस सियासी अंदाज मे उस पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी एकता दिखाने का जो प्रयास किया है,उसे एक अनाडीकलमकार होने के नाते मेरा मानना है कि यह एकता नहीं बल्कि दबाव अथवा रूठे सदस्यों की मान मुनहार कर उनसे हस्ताक्षर करवाए गये है।इस अनाडीकलमकार के खुफियांतंत्र की माने तो कल इसके लिए नौ सदस्यों को नेताजी के घर एकत्रित कर उनको पाठ पढाया गया था।जिस नाटकीय अंदाज मे उन सदस्यों ने बैठक आयोजन को लेकर दोहरापन दिखाया, उससे बेहतर तो यही होता की वे अधिशाषी अधिकारी व्दारा 13 नवंबर को आहूत की गई बैठक का यू भी बहिष्कार कर देते तो कोरम के अभाव मे बैठक यू भी स्थगित हो जाती और इस अनाडी को तो अभी से ही यह आभास हो रहा है कि 13 नवंबर को भी यही होगा।यदि उस दिन कौरम पूरा नहीं होता है तो नगरपालिका की बैठक सात दिन बाद फिर आहूत की जा सकती है।इधर विपक्ष के सदस्यों का तर्क है कि शहर के विकास के लिए बैठक आयोजित करवाने की मांग हमारे व्दारा की गई थी और वो मांग नियमनुसार पूरी हो रही है,उन्होंने बताया की यह अलग बात है कि 13 नवम्बर की बैठक का कोरम पूर्ण हो या न हो,लेकिन बैठक आयोजित होगी तो विपक्ष शहर के विकास के लिए अपनी भूमिका पहले की तर्ज पर निभाते रहेगे।चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की साधारण सभा की बैठक के लिए आखिर यह कैसी सियासत हो रही है।9413063300

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