Header Ads

तो अब बैठक की अध्यक्षता करेगी पालिका अध्यक्षा...!

जैतारण(आईबीखांन)
जैतारण नगरपालिका बोर्ड की साधारण सभा की बैठक आयोजित करने को लेकर मचे सियासी घमासान एवं खांन मीडिया व्दारा *पालिका की साधारण सभा की बैठक को लेकर यह कैसी सियासत...!*शिर्षक नामक ब्लांग लिखने के बाद अचानक सुर्खियो मे आने के बाद आज नगरपालिका अध्यक्षा श्रीमती मंजूभाटी ने इस घमासान पर विराम लगाते हुए अधिशाषी अधिकारी हरीशचंद्र गहलोत व्दारा राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 1995 की धारा 51(2) के तहत पदत उनके अधिकारो का उपयोग करते हुए 13 नवम्बर को आहूत की गई बैठक की अध्यक्षता करने के लिए अध्यक्षा ने अपनी न केवल  लिखित सहमति दी,बल्कि ईओ नगरपालिका को यह लिखित मे भी दिया गया की आहूत बैठक का एजेंडा को भी यथावत रखा जावे।उल्लेखनीय है कि जैतारण नगरपालिका की बैठक आयोजित करवाने की मांग को लेकर 27 सितंबर को सतापक्ष एवं विपक्ष के कुल 18 सदस्यों ने संयुक्त हस्ताक्षर युक्त पत्र ईओ व अध्यक्षा को दिया था,जिस पर ईओ ने 4 अक्टूबर को अध्यक्षा श्रीमती मंजूभाटी को बैठक आयोजित करने के लिए लिखा मगर अध्यक्षा व्दारा पालिका नियम अवधि तक बैठक आयोजित करने के संबध मे जबाब न देने पर अधिशाषी अधिकारी ने पालिका अधिनियम के तहत पदत अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए 13 नवंबर को पालिका की साधारण सभा की बैठक तय एजेंडा के तहत आहूत करने का फरमान जारी कर दिया।हालांकि इस बैठक को टालने के लिए दो तीन दिन पहले पालिका के नौ सदस्यों ने ईओ को अपने हस्ताक्षर कर अध्यक्षा की अगुवाई मे पूर्व नियमों के तहत बैठक बुलाने की मांग रखी थी।चुकि इन सदस्यों के पत्र देने से पहले ईओ ने 13 नवम्बर को बैठक आयोजन का फरमान जारी कर दिया था,लिहाजा बैठक का आयोजन तय था,इतना ही नहीं उक्त बैठक की सदारत पालिका उपाध्यक्ष करते थे।हालांकि अध्यक्षा ने ईओ को दिये अपने सहमति पत्र मे यह साफ लिखा की उक्त बैठक के बारे मे अध्ययन करने के बाद बैठक की अध्यक्षता करने की सहमति देती हूं।लेकिन एक अनाडीकलमकार होने के नाते मेरा मानना है कि यदि पालिका अध्यक्षा के रहते बैठक की अध्यक्षता पालिका उपाध्यक्ष करें, शायद यह बात मुख्याजी को हजम नहीं हुई होगी।यह दिगर बात है कि बैठक कोरम के अभाव मे भले ही स्थगित होती, लेकिन उपाध्यक्ष के व्दारा बैठक की अध्यक्षता करना एक नजीर तो बन ही जाती...!इधर पालिका के विपक्षी सदस्यों का कहना है कि बैठक की अध्यक्षता भले कोई करें, हमें शहर के विकास के लिए बैठक आयोजित करवानी थी और आखिरकार हो गई।चलते चलते अपन तो यह कहेंगे की काश मुख्याजी ने आज बैठक के लिए अपनी जो सहमति दी,वो सहमति 4 अक्टूबर को दे देते तो बात कुछ और होती, लेकिन मुख्याजी भी करे तो करे क्या, क्योंकि पर्दे के पीछे सियासती शंतरज का खेल कोई और ही खेला रहा है...!
*इधर सहमति पर भी आपत्ति*
जैतारण नगरपालिका अध्यक्षा व्दारा इस बैठक की अध्यक्षता करने के लिए अपनी सहमति दिये जाने के बाद दो दिन पहले उनकी अगुवाई मे बैठक आयोजित करने वाले पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले नौ सदस्यों मे से कुछ सदस्यों ने पालिकाध्यक्ष के इस फैसले का विरोध करते कहा की जब बैठक की अध्यक्षता करनी ही थी तो फिर हमसे उस पत्र पर हस्ताक्षर क्यों करवाए गये।उनका कहना था की बैठक की अध्यक्षता करने की सहमति यदि देनी ही थी तो एकबार उनसे पूछ तो लिया होता की मे इसमें अपनी सहमति दे रही हू...!
9413063300

कोई टिप्पणी नहीं