नेताजी को नहीं, नेताओ को नेताश्री से आखिर क्यो हो रही है घबराहट...
जैतारण(आईबीखांन)।
खबर का शिर्षक पढकर आप अचरज मे पड गए होगे, लेकिन यह सत्य है की जैतारण के राजनैतिक गलियारों मे सूबे की विधानसभा के चुनाव नजदीक आते ही जैतारण इलाके के कुछ नेताओं को नेताश्री की इस क्षेत्र मे सक्रियता के बाद अब घबराहट होने लगी है,जबकि इस इलाके की राजनीति मे अपना वजूद रखने वाले नेताजी को नेताश्री न तो उनकी सक्रियता की चिंन्ता है और न ही टिकट के लिए...!नेताजी जनता के विश्वास पर अपनी चुनावी तैयारी मे जुटे हुए है।बात चली ही गई है तो बताना लाजमी है कि जैतारण इलाके के कुछ नेता नेताश्री जैतारण से चुनाव लडने एवं जैतारण से टिकट की दावेदारी करने पर अपना राजनैतिक धरातल खिसकता देख अब उनके बाहरी होने शफगुफा छोड रहे है।ऐसा प्रचार करने वालो की मुझे लगता है कि राजनैतिक गणित थोड़ी कमजोर है या उन्हें जैतारण राजनीति इतिहास की जानकारी नहीं है।हालांकि मे न तो नेताजी का समर्थक हू न ही नेताश्री का हिमायती, उन लोगों को यह जानकारी दे देता हू की जो नेता अपने खिसकते राजनैतिक धरातल पर दबी जबान मे ऐसी बातें करते है को पता होना चाहिए की विधानसभा का चुनाव कोई भी व्यक्ति कही से भी लड सकता है,बेशर्त वो भारतीय नागरिक हो और उम्र 25 वर्ष से अधिक हो,रही बात बाहरी होने की तो उन लोगों का जब राजनीति मे उदय भी नहीं हुआ था तब से लेकर अबतलक नेताश्री इस क्षेत्र मे अपनी राजनैतिक जाजम जमाए हुए है।बाहरी होने का दुष्प्रचार करने वाले नेताओ ने तो अपने राजनैतिक कैरियर मे कभी वार्ड पंच का भी चुनाव नहीं लडा होगा, जबकि नेताश्री तो देश की सबसे बडी पंचायत मे भी इसी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भी कर चुके है।चलते चलते उन लोगों को जैतारण राजनीति के इतिहास की जानकारी भी दे देता हू शायद उनको इसकी जानकारी नहीं है तो मुलायजा फरमाए...जैतारण विधायक के रूप मे स्व.शंकलाल शर्मा, स्व.सुखलाल सेणचा, स्व.तेजाराम सीरवी जैसे दो चार और ऐसे नेता हुए जिन्होंने जैतारण का मजबूती के साथ विधायक के रूप मे अपना प्रतिनिधित्व किया था वे भी जैतारण के मूल निवासी नहीं थे।वैसे यू भी देखा जाय तो अभी तक कांग्रेस ने न तो नेताजी और न ही नेताश्री को टिकट देने का ऐलान किया है,मगर उन नेताओं की तो राजनैतिक धरातल नेताश्री के इस इलाके मे सक्रियता के साथ ही अभी से ही खिसकने लगा है।जबकि एक नेताजी ही ऐसे है जो हर चुनौती का मुकाबला करने मे सक्षम है,लेकिन उनकी बात तो निराली ही है।बहरहाल नेताश्री का बाहरी होने का कुप्रचार करने वालो को यह भी अनुभव नहीं है की किसी व्यक्ति की मुखालफत करने से पहले अपनी राजनैतिक कमजोरी का इजहार चुनाव एवं टिकट वितरण से पहले नहीं करना चाहिए...!एक अनाडीकलमकार होने के नाते अपनी तो यही राय है।वैसे भी अपन रायचंद नहीं है,हो सकता है मेरी बात उनको बुरी लग रही होगी...9413063300
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