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सामुहिक प्रयासों से ही सफल होगा सामुहिक विवाह सम्मेलन...!


आईबीखांन की कलम से
राजस्थान तेली तिरेपन गौत्र आम चौरासी संस्था के जरे सदारत मे आगामी 13 मई को चण्डावल मे आयोजित होने वाले समाज के सातवें सामुहिक विवाह सम्मेलन को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को सामुहिक प्रयास करने का संकल्प लेना चाहिए।किसी भी समाज की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए ऐसे आयोजन समय की नजाकत को देखते हुए किये जाते रहे है।मुझे यह जानकर बडी खुशी हुई की अपने समाज ने भी समाज को उन्नति के शिखर तक पहुंचाने की दिशा मे इस आयोजन की ऐसे समय मे रूपरेखा तैयार की है,समाज का हर युवा पिछले लंबे समय से दबी जबान इस आयोजन की मांग करता रहा है,लेकिन स्थिति कुछ भी रही हो और आप और हम इस बात से वाकिफ है की इसका आयोजन वर्षभर पहले हो जाना चाहिए था।खैर मे अतित की बाते भूलकर आपके समक्ष आज वर्तमान की बात करूंगा।एक पत्रकार होने के नाते यू तो मेरी कलम सदैव आलोचनाओं पर ही चलती है,लेकिन आज पत्रकार नहीं बल्कि समाज का एक बेटा होने के नाते मे समाज के उन तमाम पंच-प्रमुखों से आग्रह कर रहा हू की वे आपसी गिले सिकवे,मतभेद भुलाकर इस महाआयोजन को सफल बनाने के लिए आगे आए।चुकी अपना समाज लम्बा चौडा समाज है।हो सकता है किसी के मतभेद भी हो सकते है और सामाजिक व्यवस्था मे होते रहते है,लेकिन वे अपने मतभेद भुलाकर इस आयोजन को सफल बनाने का संकल्प ले।यह आयोजन न तो आईबीखांन का है और न ही सदर अकबर अली दोनरडी अथवा सचिव हाजी सत्तार मोहम्मद बागडी या सिकंदर दायमा कुशालपुरा,सुलेमान खांन मगवा पाली का नहीं बल्कि यह आयोजन आम चौरासी का है।जहां आम चौरासी समाज की बात आती है तो लाजमी है की यह आयोजन समाज का है।यह अलग बात है कि किसी भी सफल आयोजन के लिए एक कमेटी अथवा प्रमुख लोगों को अग्रणी होना पडता है,इसी उद्देश्य से समाज ने सामुहिक विवाह सम्मेलन आयोजन समिति का गठन किया गया है,और यह परम्परा हर समाज मे चल रही है।हालांकि युवाओं को इस बात की जानकारी नहीं होगी, लेकिन अपने परिवार मे बुढे बडेरे है उनके जमाने मे भी ऐसा ही होता था,जहां बडा आयोजन करना पडता तो पहले किसी बोहरा को नियुक्त करते वो इसलिए की आयोजन सफल हो।हालांकि अब आयोजन कमेटी बोहरा की भूमिका मे नहीं है,इस आयोजन के लिए पूरा समाज के प्रत्येक मुख्य को अब वो भूमिका निभानी होगी।हालांकि पत्रकारिता मे तो आपकी दुआओं से मे निपुण हू,लेकिन समाज के बेटे के रूप मे अभी तक इतना निपूर्ण नहीं हो पाया हू।हो सकता है अनुभव की कमी के कारण लिखने मे त्रुटि भी हो गई होगी, लेकिन मेरी मंशा किसी व्यक्ति अथवा पंच साहेबान का दिल दुखाने की नहीं है।समाज के मंच पर हर व्यक्ति को बोलने एवं टोकने का अधिकार है,लिहाजा आपको यदि इस आयोजन मे कोई कमी या गलती दिखाई दे तो आप बेहिचक अपनी बात रख सकते है,चलते चलते एकबार फिर समाज के उन बडे बुर्जुगों,पंच-प्रमुखों इत्यादि से अनुरोध है की वे अपने समाज के वैवाहिक सम्मेलन को क्षेत्रवाद मे नहीं बाटे,हम सब एक है और एक थे और एक रहकर इस महाआयोजन को सफल बनाना है।अपने विचारों की लडाईयां अपन लडते रहेगे, लेकिन इस आयोजन को अपना आयोजन समझकर सामुहिक योगदान देना होगा, तब जाकर राजस्थान तेली तिरेपन गौत्र आम चौरासी संस्था चण्डावल मे 13 मई को होने वाला यह आयोजन सफल हो पाएगा।अकेला चन्ना बाड नहीं फोड सकता... यह फार्मूला याद रखना होगा... समय मिला तो और आपसे मुखातिब होता रहूंगा... फकत सलाम
9413063300

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