आखिर कबतक चलता रहेगा यह मरहम पट्टी का खेल...!
जैतारण(आईबीखान)।
सूबे के जलदाय मंत्री सुरेंद्र गोयल की गृहनगर पालिका परिक्षेत्र मे पिछले लंबे समय से सीवरेज लाईनों की खुदाई के लिए तौडी गई सडको एवं प्रमुख नालो पर शहरी निकाय मरम्मती के नाम पर हजारों रूपए खर्च किये जाने के बावजूद न तो इन क्षतिग्रस्त नालो एवं जगह जगह से अवरुद्ध पडे नालो की न तो तकदीर बदल रही है और न ही तस्वीर बदल रही, अनाडी कामगारों को सस्ती दरो पर काम दिये जाने की अपनी शहरी निकाय की रिवायत के तहत शहर के अनेक स्थानों के ऐसे नालो,नालीयों की दशा और दिशा दोनों बिगडी हुई है।ऐसे हालातों मे आम अवाम को पिछले लंबे समय से परेशानियों का दंश झेलना पड रहा है।शहरी निकाय के उल्लेखनीय कार्यों की एक बानगी तो देखीये, शहर के मुख्य रोडवेज बस स्टेण्ड से प्राईवेट बस स्टेशन तक जाने वाली मुख्य सडक़ सीवरेज लाईन खुदाई के बाद अपनी दुर्दशा पर आंसू तो बहा रही है तो इस सडक के मध्य बने एक नाले की उचित मरम्मती के कारण यह नाला आये दिन अवरुद्ध होकर आमजन के लिए परेशानी का कारण बनने लगा है।बीच सडक पर जब जब भी यह नाला अवरुद्ध होकर उफान मारता है तो शहरी निकाय के हुक्मरानो एवं दिगर तकनीकी अधिकारियों व्दारा इसकी तकदीर बदलने की यू तो कवायद शुरू कर देते है,लेकिन पिछले डेढ़ सालों मे न जाने कितनी बार इस नाले की तकदीर बदलने के नाम पर अबतलक हजारों खर्च कर दिये मगर हालत मे कोई सुधार नहीं आ पा रहा है।इस नाले की हरबार केवल शहरी निकाय अनाडी कामगारों के मार्फत काम करवाकर केवल मरहम पट्टी करवा कर अपने कार्यों कि इतिश्री कर हरबार हजारों का खर्च कर रही है,मगर बडे दुर्भाग्य की बात है की इसका कोई ठोस उपाय फिलहाल मुझे अभी निकलता दिखाई दे रहा है।मरहम पट्टी करते समय कई बार जल महकमे की भूमिगत पाईप लाईनों को नेस्तनाबूद भी कर दिया जाता रहा है।एक अनाडीकलमकार होने के नाते मेरा शहरी निकाय के हुक्मरानों एवं दिगर तकनीकी अधिकारियों से एक ही सवाल है की आप इस नाले की मरहम पट्टी करने की बजाय क्यों नहीं इसका स्थाही समाधान करने की पहल आखिर क्यों नहीं करते हो...!अनाडी कामगारों की बजाय आप किसी नामचिन्ह ठेकेदार को इसका ठेका देकर इसकी तकनीकी खामियों को दूर करने का प्रयास आखिर क्यों नहीं करते, ताकि आम अवाम को आए दिन इसका खामियाजा न भुगतना पडे... लेकिन शहरी निकाय ऐसा नहीं कर पा रही है।चलते चलते अपन तो यही कहेंगे की दुनियावी रस्मों रिवाजों के दस्तूर से उपर उठकर कभी तो शहर मे अच्छे कार्य की पहल की शुरुआत कर ले।वैसे यह शहर कोई मामूली शहर नहीं है,क्योंकि यहां के विधायक सूबे के सबसे बडे काबिना मंत्री है जहां उनके शहर के ऐसे हालत होना अच्छी बात नहीं है...9413063300
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