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आराधना से ही मिलता है सच्चा सुख:सुकनमुनि


पावनधाम मे जैन संतो के प्रवचन
जैतारण,25 सितम्बर(आईबीखांन)
जैतारण पावनधाम मे चातुर्मास कर रहे जैन संत प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज ने मंगलवार को मरूधरकेसरी सभागार मे अपने प्रवचनों मे कहा की प्रभु की सच्ची आराधना करने पर ही मनुष्य को सच्चे की प्राप्ति होतीं है।उन्होंने कहा आज व्यक्ति अपना और परिवार के  सुख के लिए धन,माया और मोहपाश मे बंधता जा रहा है और बडी दौलत अर्जित करने के बाद भी वो घर मे सुखी नहीं बैठ पाता है।उन्होंने कहा की यदि जीवन मे सच्चा सुख चाहते हो तो धर्म ध्यान, और प्रभु का स्मरण करो निस्संदेह व्यक्ति को न केवल सुख मिलेगा, बल्कि उसकी किर्ती भी बढेगी।उन्होंने कहा की प्रभु की भक्ति मे लीन होने वालों को दुनिया मरने के बाद ही याद करती है।उन्होंने भगवान महावीर के उपदेशों की व्याख्या करते कहा की उन्होंने भी संसारिक मोह बंधनों से मुक्त होकर प्रभु भक्ति की थी जहां आज उनके जीवन चरित्र पर हर कोई चलता है और उन्हें मानता है।
उपप्रवर्तक अमृतमुनि महाराज ने कहा की मनुष्य जन्म बार बार नहीं मिलता, मनुष्य के रूप मे देवता भी जन्म लेना चाहते है,लेकिन उन्हें मनुष्य रूपी जीवन नहीं मिलता है।उन्होंने कहा की मनुष्य का उद्देश्य केवल धन दौलत अर्जित करना ही नहीं होना चाहिए बल्कि अर्जित धन के सदपयोग के लिए यह जरूरी है की उसमें से कुछ अंश मानव कल्याण एवं जीवदया के लिए भी दान करना श्रेष्ठ है।उन्होंने कहा की यह परम सत्य है की जिसने भी जन्म लिया उसे एक दिन दुनिया को छोड़कर जाना ही पडेगा।मनुष्य को ऐसे कार्य करने चाहिए की दुनियां उन्हें मरने के बाद भी याद करे,तब हमारा मनुष्य जीवन मे आना सार्थक साबित होगा।युवा महेशमुनि ने कहा की मनुष्य अपने स्वार्थ के लिए दूसरा का अहित कर देता है।उन्होंने कहा की यदि आप किसीको सुख नहीं दे सकते हो तो किसी जीव को दुखी करने का कतई अधिकार नहीं है।जीवन मे आगे बढना हो तो हमेशा अपने की तरह दूसरों का हित के विषय मे चिन्तन करते रहना चाहिए।प्रवचन सभा मे राकेशमुनि, हरीशमुनि, अखिलेशमुनि एवं डाँ. वरूणमुनि महाराज ने भी अपने प्रवचनों के माध्यम से लोगों को धर्म ध्यान करने की व्याख्या समझाई।इस अवसर पर गुरूश्री रूपसुकन चातुर्मास व्यवस्था समिति के *चैयरमैन, भामाशाह मोहनलाल गढवाणी, अध्यक्ष सोहनराज मेहता, संचालक सुरदर्शन छल्लाणी, माणकराज डागा* के  व्दारा जीवदया के लिए दान करने वाले भामाशाहों का बहुमान किया।
फोटो कैप्शन:25 जे.टी.एन.1
जैतारण पावनधाम मे प्रवचन करते जैन संत प्रवर्तक सुकनमुनि महाराज

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