आखिर बरसातो मे ही क्यो खुल जाती है निर्माण कार्यों की पोल...!
आई.बी.खांन की कलम से
जैतारण शहरी निकाय परिक्षेत्र में हरवर्ष विकास के नाम पर लाखो रूपये खर्च होते है,लेकिन यह रूपये बरसात होते ही मानो पानी में बह जाते है। दरअसल शहरी निकाय के द्वारा शहर में करवाये जाने वाले कार्यो की उच्च गुणवता नही होने के कारण शहर के अधिकांश जगहो पर करवाये जाने वाले सडक,नाली,नाला इत्यादि निर्माण कार्यो की पोल खुल जाती है। यह दिगर बात है की इन दिनो सीवरेज के कारण पिछले कई दिनो से विभिन्न विकास कार्य सीवरेज के चलते नहीं हो पा रहे है,अलबत्ता शहर मे होने वाले ऐसे कार्यों की यही स्थिति होती है,जैसे इन दिनों अपन सीवरेज के कार्यों की दुर्गति को करीब से देखकर यह अनुभव भी कर रहे है।जैतारण शहर के सर्वागिण विकास के लिए यहां चाहे भाजपा की सरकार हो या फिर कांग्रेस की सरकार,हर सरकार के जनप्रतिनिधियो के द्वारा सालाना शहर के विकास के लिए लाखो रूपये स्वीकृत करते है। मगर जैतारण शहर का यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा की यहां शहरी निकाय के द्वारा इन कार्यो को जिन जिन ठेकेदारो को ठेके दिये जाते है वे कार्यो की गुणवता में ध्यान देने की बजाय पैसा कमाने में अधिक ध्यान देते है। पिछले कुछ सालो में शहर में बनी सी.सी.सडको को भले ही सीवरेज वालों ने छिन्न भिन्न क्यों न कर दिया हो मगर इनकी स्थिती को देखा जाय तो पता चलता है कि यहां निर्माण केवल नाम मात्र का ही होता है या यू कहे की केवल बजट को पूरा किया जाता है। शहर में इन दिनो बरसाती मौसम में जिस गली मौहले में यदि कदम रखेगें तो पालिका के निर्माण कार्यो की कहानी खुद ब खुद स्पष्ट नजर आ जायेगी। ठेकेदारो एवं तकनीकी अधिकारीयो की मिलीभगत से शहर में हो रहे निर्माण कार्यो की गुणवता की यदि उच्चस्तरिय जांच की जाय तो इनकी हकीकत सामने आ जायेगी। यदि इसकी नजीर देखनी हो तो आजकल मे ही बनाया गया बस स्टेशन के नाले की स्थिति के रूप मे देख सकते है।इसके अलावा एक साल पहले पालिका के द्वारा लाखो रूपये खर्च करके विभिन्न गली मौहलो में पानी भराव को रोकने के लिए न केवल मिटटी डालवाई गई अलबता कई कच्चे मार्गो पर कच्ची सडको का निर्माण करवाया गया लेकिन आज इनकी तस्वीर देखे तो कई पर तो इनका नामो निशान नही है तो कई जगहो पर लोगो के लिए यह आफत का कारण बनी हुई है। शहर की शायद ही कोई ऐसी खुबसुरत काॅलोनी या बस्ती होगी जहां बरसात के दिनो में लोग आराम से वहां आवागमन कर सकते हो,शायद ऐसी जगह शहर में कई पर भी देखने को नही मिल सकती। अपन किसी जनप्रतिनिधि ,ठेकेदार या अधिकारी के खिलाफ नही है क्योकि यहां कई ठेकेदार और अधिकारी आये मगर किसीने भी शहर के विकास के नाम पर हो रहे कार्यो की गुणवताओ पर ध्यान नही दिया। आखिर यही कारण है कि शहर के लोग अब यह चर्चा करने लगे है कि आखिर नगरपालिका कब तक सरकारी पैसो को पानी में बहाती रहेगी।जैतारण मे सीवरेज के उल्लेखनीय कार्यों की यू भी अपन आये दिन तारीफ़ पर तारीफ करते बदनाम तक हो चुके है लेकिन सीवरेज के कार्यों की गुणवत्ता की पोले शहर मे पिछले दिनों हुई बरसात मे खुल गई है।यदि उनका कार्य गुणवत्ता वाला होता तो सीवरेज वालों को एक ही काम को आज दुबारा करने की आवश्यकता नहीं पडती...!शहर मे कुछ ठेकेदारों ने तो लाखो रूपयों की ऐसी भी सडके बनाई है जिनके पैसे भी उठ गए है,लेकिन आज वे सडके मौके पर नजर नहीं आ रही है,ऐसे अनेक उदाहरण भरे पडे है...! 9413063300
जैतारण शहरी निकाय परिक्षेत्र में हरवर्ष विकास के नाम पर लाखो रूपये खर्च होते है,लेकिन यह रूपये बरसात होते ही मानो पानी में बह जाते है। दरअसल शहरी निकाय के द्वारा शहर में करवाये जाने वाले कार्यो की उच्च गुणवता नही होने के कारण शहर के अधिकांश जगहो पर करवाये जाने वाले सडक,नाली,नाला इत्यादि निर्माण कार्यो की पोल खुल जाती है। यह दिगर बात है की इन दिनो सीवरेज के कारण पिछले कई दिनो से विभिन्न विकास कार्य सीवरेज के चलते नहीं हो पा रहे है,अलबत्ता शहर मे होने वाले ऐसे कार्यों की यही स्थिति होती है,जैसे इन दिनों अपन सीवरेज के कार्यों की दुर्गति को करीब से देखकर यह अनुभव भी कर रहे है।जैतारण शहर के सर्वागिण विकास के लिए यहां चाहे भाजपा की सरकार हो या फिर कांग्रेस की सरकार,हर सरकार के जनप्रतिनिधियो के द्वारा सालाना शहर के विकास के लिए लाखो रूपये स्वीकृत करते है। मगर जैतारण शहर का यह दुर्भाग्य ही कहा जायेगा की यहां शहरी निकाय के द्वारा इन कार्यो को जिन जिन ठेकेदारो को ठेके दिये जाते है वे कार्यो की गुणवता में ध्यान देने की बजाय पैसा कमाने में अधिक ध्यान देते है। पिछले कुछ सालो में शहर में बनी सी.सी.सडको को भले ही सीवरेज वालों ने छिन्न भिन्न क्यों न कर दिया हो मगर इनकी स्थिती को देखा जाय तो पता चलता है कि यहां निर्माण केवल नाम मात्र का ही होता है या यू कहे की केवल बजट को पूरा किया जाता है। शहर में इन दिनो बरसाती मौसम में जिस गली मौहले में यदि कदम रखेगें तो पालिका के निर्माण कार्यो की कहानी खुद ब खुद स्पष्ट नजर आ जायेगी। ठेकेदारो एवं तकनीकी अधिकारीयो की मिलीभगत से शहर में हो रहे निर्माण कार्यो की गुणवता की यदि उच्चस्तरिय जांच की जाय तो इनकी हकीकत सामने आ जायेगी। यदि इसकी नजीर देखनी हो तो आजकल मे ही बनाया गया बस स्टेशन के नाले की स्थिति के रूप मे देख सकते है।इसके अलावा एक साल पहले पालिका के द्वारा लाखो रूपये खर्च करके विभिन्न गली मौहलो में पानी भराव को रोकने के लिए न केवल मिटटी डालवाई गई अलबता कई कच्चे मार्गो पर कच्ची सडको का निर्माण करवाया गया लेकिन आज इनकी तस्वीर देखे तो कई पर तो इनका नामो निशान नही है तो कई जगहो पर लोगो के लिए यह आफत का कारण बनी हुई है। शहर की शायद ही कोई ऐसी खुबसुरत काॅलोनी या बस्ती होगी जहां बरसात के दिनो में लोग आराम से वहां आवागमन कर सकते हो,शायद ऐसी जगह शहर में कई पर भी देखने को नही मिल सकती। अपन किसी जनप्रतिनिधि ,ठेकेदार या अधिकारी के खिलाफ नही है क्योकि यहां कई ठेकेदार और अधिकारी आये मगर किसीने भी शहर के विकास के नाम पर हो रहे कार्यो की गुणवताओ पर ध्यान नही दिया। आखिर यही कारण है कि शहर के लोग अब यह चर्चा करने लगे है कि आखिर नगरपालिका कब तक सरकारी पैसो को पानी में बहाती रहेगी।जैतारण मे सीवरेज के उल्लेखनीय कार्यों की यू भी अपन आये दिन तारीफ़ पर तारीफ करते बदनाम तक हो चुके है लेकिन सीवरेज के कार्यों की गुणवत्ता की पोले शहर मे पिछले दिनों हुई बरसात मे खुल गई है।यदि उनका कार्य गुणवत्ता वाला होता तो सीवरेज वालों को एक ही काम को आज दुबारा करने की आवश्यकता नहीं पडती...!शहर मे कुछ ठेकेदारों ने तो लाखो रूपयों की ऐसी भी सडके बनाई है जिनके पैसे भी उठ गए है,लेकिन आज वे सडके मौके पर नजर नहीं आ रही है,ऐसे अनेक उदाहरण भरे पडे है...! 9413063300
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