कौन सुनेगा, किसको सुनाये,इसलिए चुप रहते है...!
जैतारण(आईबीखांन)।
कौन सुनेगा, किसको सुनाए,इसलिए चुप रहते है...!हिन्दी फिल्म के इस गाने को सुनकर शायद शहरी आवाम भी इन दिनो चुप रहने मे अपनी भलाई समझ रही है।दरअसल जब से शहर मे सीवरेज का कार्य का आगाज हुआ है तब से लेकर अब तक सीवरेज वालो की लापरवाहियों के एक से बढकर एक नमूने शहर मे देखने को मिल रहे है लेकिन इनकी हर लापरवाही को शहरी निकाय माफ करती है और लोग अपना दर्द तक बयां करने के बजाय अब चुप बैठकर सीवरेज वालों व्दारा दिये रंजो गमो पर अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे है।इस अनाडीकलमकार ने अब तक शहर की बदहाल सीवरेज लाईनो एवं उनके बेहतरीन कार्यों के ही यशोगान गाये है,लेकिन आज अपन सीवरेज के ठेकेदारों के एक ऐसे कार्य की नजीर पेश करने जा रहे है जिसे देखकर आप खुद सीवरेज वालों एवं नगरपालिका के हुक्मरानों के बीच रस्मो रिवाजो के खेल को समझ जाएंगे।बात चली है तो लगे हाथ इस पर चर्चा करना लाजमी है।शहर के मोदीयो की गली मे पिछले दिनो सीवरेज वालों ने क्या खुबसूरत लाईन बिछाई जिसकी जितनी भी तारीफ करें उतनी कम है।आनन फानन मे बेतरतीब रूप से किये गये उल्लेखनीय कार्य से मोदीयो की गली निवासी महेशचन्द सोनी s/o लक्षमीनारायण सोनी,के दोनो मकानो मे , सिवरेज लाइने के कार्य मे बरती गई अनियमितताओ, व लापरवाही से भारी क्षति पहुंची है।लाखों रूपये खर्च कर बनाए गये यह दोनों आशियाने जगह जगह से क्षतिग्रस्त होकर इनमें जगह जगह पर अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहे है।जैसा की पीड़ित ने बताया की उन्होंने सीवरेज के ठेकेदारों से लेकर नगरपालिका के हुक्मरानों तक इस अनियमितता वाले सीवरेज लाईन बिछाने के कार्य से उनके मकान मे होने वाले संभावित नुकसान को लेकर शिकायत भी की गई, लेकिन जैसा सर्वविदित है कि नगरपालिका के हुक्मरान सीवरेज वालों की कोई शिकायत न सुनने की शपथ कार्य के शुभारंभ होने के साथ ही ले रखी है।आज इस मकान की हालत यह हो रखी है की सीवरेज के गौरवशाली कार्यों के कारण कांच के मानिद जगह जगह से तढका हुआ है।हालत यह है की यह मकान अब रहने के लिए महफूज नहीं है।सीवरेज वालों की एक नजीर की आज जमकर तारीफ करनी होगी, तारीफ इसलिए की वे लोग अपने किये गुनाह को अपना गुनाहनामा नहीं मानकर जलदाय विभाग को गुनहगार साबित करने मे माहिर है,यही नहीं निकाय के हुक्मरान भी बिना मौका देखे अपने गुनाह का दोष कभी जलदाय त़़ो कभी निर्माण विभाग के मथे डालने मे देर नहीं करते है।मेरी बात सीवरेज वालो एवं शहरी निकाय के हुक्मरानों को आज बहुत ही कडवी लग रही होगी, लेकिन यह अनाडीकलमकार इसकी तनिक भी परवाह नहीं करता,क्योंकि अपन ने आज तक न तो आपके आम खाये और न ही रस मल्लाई हमने आपकी खाई है।चलते चलते अपन तो यह कहेंगे की जनाब जिह तरह यह मकान सीवरेज के कारण क्षतिग्रस्त हुआ है,यदि इसके स्थान पर आपका मकान होता तो आप क्या करते... चुप क्यों हो महाराज, इसलिए अपन यही कहेंगे...कौन सुनेगा, किसको सुनाये,इसलिए चुप रहते है...9413063300
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